दुर्ग जिले के व्यापारी अनलॉक के पक्षधर, बैठक कर 1 अक्टूबर से दुकानें खोलने का लिया फैसला

कैट की बैठक में व्यापारियों ने तय की रुपरेखा, फैसलों पर स्वीकृति के लिए कलेक्टर से जल्द मिलेगे व्यापारी
दक्षिणापथ, दुर्ग।
दुर्ग जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए 24 से 30 सितंबर तक प्रभावी पूर्ण लॉकडाउन का कल बुधवार को अंतिम दिन है। फलस्वरुप लॉकडाउन आगे बढ़ेगा या जिला प्रशासन अनलॉक का फैसला करेगी। इस विषय को लेकर व्यापारियों के साथ-साथ जनता में हलचल तेज हो गई है। हालांकि दुर्ग-भिलाई के व्यापारी अनलॉक के पक्ष में नजर आ रहे है। जिसे लेकर व्यापारिक संगठनों के बीच बैठकों का दौर भी शुरु हो चुका है। इस संबंध में व्यापारिक संगठन कांफ्रे डेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स(कैट) के मंगलवार को इंदिरा मार्केट में बैठक की। जिसमें व्यापारियों ने दुर्ग जिले में अनलॉक पर जोर देते हुए सर्वसम्मति से 1 अक्टूबर से अपनी-अपनी दुकानें खोलने व व्यापार संचालन का फैसला किया है। साथ ही इस फैसले को जिला प्रशासन को अवगत कराकर दुर्ग जिले को अनलॉक करने की मांग करने का भी निर्णय लिया गया है। इस संबंध में कैट का एक प्रतिनिधि मंडल जल्द ही कलेक्टर से मिलेगा और अपनी भावनाओं से अवगत कराएगा। कैट की यह बैठक प्रदेश उपाध्यक्ष पवन बडज़ात्या के नेतृत्व में आयोजित की गई थी। जिसमें इंदिरा मार्केट, हटरी बाजार, सदर बाजार, गांधी चौक एवं अन्य मार्केट के व्यापारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। श्री बडज़ात्या ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के रोकथाम व नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार बेहत्तर कदम उठाए जा रहे है। जो सराहनीय है, लेकिन कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए लॉकडाउन ही मात्र एक विकल्प नहीं है, क्योंकि लॉकडाउन से जहां व्यापारियों का व्यापार-धंधा प्रभावित हो रहा है, वहीं जनता भी परेशान है। जिसका आर्थिक खामियाजा भी दोनों वर्गो को भुगतना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में हमें कोरोना नियंत्रण के लिए दूसरे विकल्प तलाशने होंगे। जो सोशल डिस्टेसिंग के पालन के अलावा मास्क, सेनीटाइजर के उपयोग के साथ-साथ शासन-प्रशासन के अन्य निर्देशों का सख्ती से पालन हो सकता है। इसके लिए व्यापारियों व जनता को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। वहीं निर्देशों का पालन करवाने जिला प्रशासन, नगर निगम व पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ेगी। क्योंकि कोरोना संक्रमण से शासन-प्रशासन के इन्ही निर्देशों का पालन कर सुरक्षित बचा जा सकता है।

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