सही चयन ने बदली आइसोलेशन वार्ड की तस्वीर, अब बड़ी तेजी से आइसोलेशन वार्ड की अव्यवस्था में हो रहा सुधार, यह अधिकारी जिम्मेदारी से कर रहे अपना कार्य

दक्षिणापथ, बालोद। इस विषम परिस्थिति में जब ऊंचे ओहदे पर बैठे जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी भूल जाते हैं तो ऐसे समय में उसकी जिम्मेदारी याद दिलाने के लिए किसी सुलझे व्यक्ति को कमान मिलना बेहद आवश्यक है और यह मुद्दा महत्वपूर्ण तब हो जाता है जब एक सरकारी अफसर अपनी जिम्मेदारी को भूलकर मूकदर्शक बने बैठे रहता है। महज़ आधिकारिक दस्तावेज पर व्यवस्था का आंकलन नहीं किया जा सकता बल्कि धरातल पर झांक कर देखने से ही वास्तविकता का पता चलता है।

विगत दिनों आइसोलेशन वार्ड से विभिन्न तरीके की शिकायतें सामने आ रही थी जिसमें मरीजों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों का दुर्व्यवहार, खाने के समय में लेटलतीफी, सफाई के नाम पर महज औपचारिकता पूरी जैसी बातें सामने आ रही थी। जिसे लगातार मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाने के साथ ही शासन-प्रशासन को भी अवगत कराया जा रहा था।

यह बेहद गंभीर मुद्दा है कि आइसोलेशन वार्ड में रहने वाले मरीजों को हो रही समस्या लगातार बढ़ती जा रही थी ना इसके लिए स्वास्थ्य विभाग का ध्यान दे रहा था और ना ही इस जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए नियुक्त किए गए नोडल। तब जिला प्रशासन को लगा कि बालोद जिले के डिप्टी कलेक्टर अभिषेक दीवान को पूरे बालोद जिले के आइसोलेशन वार्ड में व्यवस्थाओं और हालातों को सुधारने की जिम्मेदारी दी जाए। फिर क्या था जिस दिन से श्री दीवान को जिले के आइसोलेशन वार्ड का कमान मिला और वह अपने कार्य में जुट गए जिसके बाद से लेकर अब तक तमाम व्यवस्थाएं दुरुस्त होती जा रही है और अव्यवस्था में निरंतर कमी आती जा रही है।

मरीजों की समस्याओं को पहले से भापकर बेहद गंभीरता से समझते हुए समस्याओं का समाधान करने का कार्य वर्तमान आइसोलेशन वार्ड के नोडल डिप्टी कलेक्टर अभिषेक दीवान कर रहे हैं। अब मरीजों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों के व्यवहार को देखकर मरीज काफी प्रभावित हैं तो वही सफाई व्यवस्था के लिए श्री दीवान ने अलग से और सफाई कर्मियों की व्यवस्था करने का निर्देश ठेकेदार को दिया है जिसके बाद अब से आइसोलेशन वार्ड पाकुरभाट मे दिन में दो बार सफाई होती है।

बता दें कि आइसोलेशन वार्ड पाकुरभाट में अव्यवस्था व स्वास्थ्य कर्मियों के दुर्व्यवहार को लेकर हिंद सेना के प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष तरुण नाथ योगी ने भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था तो वही उसकी प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ के मुखिया व स्वास्थ्य मंत्री छत्तीसगढ़ शासन के पास भेजा था जिसके बाद हालात लगातार सुधरते गए।

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