संथारा साधिका जैन साध्वी श्री हुलास श्री जी का देवलोक गमन, अंतिम बैकुंठी यात्रा में जैन समाज के लोगों ने दर्शन वंदन किए

दक्षिणापथ , दुर्ग । दुर्ग जैन समाज के वरिष्ठ श्राविका जिन्हें 1 दिन पूर्व श्री प्रकाश मुनि जी महाराज की शिष्या गीता जी महाराज के मुखारविंद से श्रीमती हुलासी देवी श्री श्री माल को संथारा एवं जैन साधु दीक्षा प्रदान की गई थी
शनिवार रात्रि 10:15 बजे वे समाधि मरण को प्राप्त कर उनका देवलोक गमन हो इतना सुनते ही संपूर्ण जैन समाज में शोक की लहर छा गई मानव जीवन को जीवंत बनाने वाले समाधि मरण पर विजय प्राप्त करने वाली जिन शासन की शान बढ़ाने वाली नव दीक्षित महासती जी श्री हुलास श्रीजी की आज प्रातः 10:00 बजे सुधर्म जैन पौधशाला बांधा तालाब दुर्ग से से उनकी अंतिम बैकुंठी यात्रा जैन समाज के वरिष्ठ श्रावक श्राविकाओ की उपस्थिति में निकाली गई जिसमें जैन समाज के सभी संप्रदाय के लोगों ने हिस्सा लिया और अंतिम दर्शन कर दर्शन वंदन का लाभ लिया
उनके देवलोक गमन पर ओसवाल जैन पंचायत के पदाधिकारियों ने अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की श्री जैन श्रमण संघ वर्धमान मूर्तिपूजक संघ स्थानकवासी जैन साधुमार्गी संघ, सुधर्म संघ, समरथ गक्ष, तेरापंथ परिषद सहित जैन समाज के विभिन्न संघ संस्थाओं ने इस दिव्य आत्मा को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की है
महासती हुलास श्रीजी के अंतिम दर्शन का सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कराया गया जैन समाज के सभी संघ प्रमुखों ने जिनमें में गौतम बोथरा किशोर कोठारी ताराचंद कांकरिया मोहन कोचर अनिल डाकलिया दिनेश सुराणा गौतम सांखला कांतिलाल बोथरा प्रवीण श्री श्री माल टीकम छाजेड़ सहित श्री हुलास देवी के पारिवारिक सदस्यों एवं इष्ट मित्रों ने अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की ।

error: Content is protected !!