लॉक डाउन में भी निरन्तर जारी है मानव सेवा…

दक्षिणापथ, दुर्ग । वर्तमान में देश मे आयी विश्वव्यापी कोरोना माहमारी के बढ़ते हुए संक्रमण को देखते हुए दुर्ग जिले में 24 सितम्बर से 30 सितम्बर तक पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है जिसका कड़ाई से पालन करवाया जा रहा है, पूरा शहर बंद हैं, जनता भी सहयोग कर रही है, जन समर्पण सेवा संस्था भी लॉकडाउन का पूर्ण रूप से समर्थन करती है ।
आज वर्तमान में फैलते हुए कोरोना संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन लगाना अति आवश्यक था, जिससे बढ़ते हुए संक्रमण की रोकथाम की जा सके, लॉकडाउन से खास तौर से उस वर्ग के लिए पेट भरने का संकट आता है जो रोज दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, रिक्शा-ठेला चलाते है, फेरी करते है, फुटपाथ और रेहड़ी पर दुकान लगते है एवं भिक्षु जनों को क्योकि इन सब के समक्ष आमदनी का कोई जरिया नही होता, घर में चूल्हा जल पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे लोगों की मदद के लिए जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग जोकि विगत 3 वर्षों से जन सहयोग से प्रतिदिन जरूरतमन्दों एवं भिक्षु जनों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध करा रही है, और सभी को भोजन खिलाती आ रही है, यह संस्था पूर्व में भी जारी लॉकडाउन में जरूरतमन्दों की हर संभंव मदद की है, जिसमें जरूरतमन्दों को निशुल्क भोजन के साथ साथ प्रवासी मजदूरों को चप्पल, फल, पानी, गरीब परिवार को अनाज, साबुन, निरमा, एवं तेल, का वितरण की है.
संस्था के प्रमुख बंटी शर्मा ने बताया कि संस्था द्वारा वर्तमान में लगे लॉकडाउन में भी जरूरतमन्दों की हर सहायता एवं एवं रात्रि 8 बजे दुर्ग रेल्वे स्टेशन में निःशुल्क भोजन वितरण कर रही है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 100 से 200 जरूरतमन्दों को भोजन खिलाया जा रहा है, भोजन के साथ साथ स्वच्छता का ध्यान रखते हुए सभी जरूरतमन्दों को भोजन के साथ साथ उनके दैनिक उपयोग की समाग्री साबुन, निरमा, नमकीन, मास्क एवं बच्चों के लिए बिस्किट का वितरण किया जा रहा है जोकि जो अभी वर्तमान परिस्थिति में मिल पाना एवं गरीब, असहाय जनों को अपने रुपये से खरीद पाना भी मुश्किल है ।
जन सर्मपण सेवा संस्था, दुर्ग यह वह संस्था है जो गरीबों, असहाय, भूखों एवं विक्षिप्त लोगों को खाना खिलाने, उनकी हरसम्भव सहायता करने का कार्य विगत 3 वर्षों से लगातार करती आ रही है।
जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग द्वारा 1 जनवरी 2017 से दुर्ग शहर के रेल्वे स्टेशन एवं अन्य स्थानों में अस्थाई रूप से निवासरत गरीब, असहाय, अनाथ, एवं दिव्यांग जनों को 3 वर्षों से प्रतिदिन निःशुल्क भोजन एवं उनके उपयोग की विभिन्न सामग्री निःशुल्क वितरण की जाती आ रही है ।
संस्था के सदस्य मृदुल गुप्ता ने बताया कि संस्था द्वारा प्रतिदिन निःशुल्क भोजन के साथ साथ विकलांग जनों को ट्रायसिकल, बैसाखी, व्हीलचेयर, कम्बल, बर्तन आदि उपयोगी सामग्री का वितरण संस्था द्वारा विगत 2 वर्षों से किया जा रहा है, संस्था द्वारा 70 से100 लोगो को प्रतिदिन निःशुल्क भोजन के साथ साथ 830 लोगो को कम्बल, 49 विकलांग जनों को बैसाखी, एवं 39 विकलांगों को ट्रायसिकल, सैकड़ो कपडे, बर्तन एवं अन्य उपयोग की सामग्री का वितरण किया गया है.
“दिव्यांग उपयोग सामग्री का सग्रह”

  संस्था द्वारा दुर्घटना एवं अन्य कारणों से दिव्यांग हुए लोगो के लिए उनकी जरूरत की सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराने का एक छोटा सा प्रयास भी किया जाता है, जिसमें दिव्यांग जनों के लिए व्हीलचेयर, बैसाखी, स्टिक, कम्मोट चेयर, एवं अन्य उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई जाती है..
 संस्था प्रमुख बंटी शर्मा ने बताया कि गरीब, आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों की दुर्घटना या अन्य कारणों से शरीर के विभिन्न अंगों में छोटे आ जाती है या लकवा जैसी बीमारी हो जाती है जिसके कारण उनको दैनिक दिनचर्या में तकलीफ होती है और उनकी तकलीफ दूर होए इसके लिए जो सामग्री की जरूरत होती है वो काफी महंगी होती है जिसे वो क्रय नही कर पाते वैसे गरीब, असहाय, दिव्यांग जनों को उनकी जरूरत की सामग्री संस्था द्वारा स्थान श्री सत्तीचौरा मां दुर्गा मंदिर, गंजपारा, दुर्ग से निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है.. 
  संस्था के इस कार्य को 1 वर्ष पूर्ण हो गया है इस एक वर्ष में संस्था द्वारा 14 जरूरतमन्दों को व्हीलचेयर, 6 लोगों को चिकित्सालय पलंग, उपलब्ध करायी गयी है, यह सामग्री सभी जरूरतमन्दों को उनके स्वास्थ होते तक के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है, और उपयोग हो जाने के पश्चात अन्य जरूरतमन्दों को यह सामग्री दी जाती है, यह कार्य भी संस्था द्वारा पूर्ण रूप से निःशुल्क किया जाता है..
  मानव सेवा के इन सभी कार्यों में संस्था के अर्जित शुक्ला आशीष मेश्राम, प्रकाश कश्यप, संजय सेन, राजेन्द्र ताम्रकार, मृदुल गुप्ता, शुभम सेन, हरीश कुमार, शिबू खान, एवं अन्य सदस्य प्रतिदिन उपस्थित हो रहे है ।
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