अपने सूती फेस मास्क को इंफेक्शन फ्री रखने का तरीका यहां जानें, मिलेगा पूरा फायदा

दक्षिणापथ। आपको ध्यान होगा कि पिछले दिनों भारत सरकार की तरफ से रेस्पिरेटर युक्त एन-95 मास्क ना पहनने की सलाह दी गई है। ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि आप जो सूती कपड़े से तैयार मास्क पहन रहे हैं, जिसे आप बार-बार उपयोग में ला सकते हैं, क्या डिटर्जेंट से धोने पर वह पूरी तरह साफ हो जाता है?
मास्क की उपयोगिता और सरकारी गाइडलाइन्स
-कुछ महीने पहले केंद्र सरकार की तरफ से देश के सभी राज्यों को पत्र भेजकर इस बारे में जानकारी दी गई थी कि वे जितना जल्दी हो सके अपने राज्य में एन-95 मास्क के उपयोग को बंद करा दें और इसके स्थान पर सूती कपड़े से तैयार मास्क को बढ़ावा दें।
केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को भेजे गए इस पत्र में सूती कपड़े से बने मास्क पहनने पर जोर देने की वजह के बारे में भी विस्तार से बताया गया था। साथ ही छिद्र युक्त (रेस्पिरेटर लगा हुआ) मास्क ना उपयोग करने की सलाह का कारण भी बताया था।
यह है बड़ा सवाल
अब सवाल यह उठता है कि क्या सूती कपड़े से तैयार होमेमेड मास्क या रेडिमेड मास्क को सिर्फ डिटर्जेंट से धुलकर ही दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है या इसे सेनिटाइज करने के लिए और भी तरीके अपनाने की जरूरत है?
मास्क धोने का सही तरीका
-कॉटन के कपड़े से बने मास्क का लाभ यह है कि आप इसे बार-बार उपयोग कर सकते हैं। बस जरूरी है कि आप इसकी सफाई का पूरा ध्यान रखें। इसके लिए मास्क को एक बार उपयोग करने के बाद जरूर धुलें।
-मास्क धोने के लिए गर्म पानी और सर्फ या साबुन का उपयोग करें। इसके बाद मास्क को सूरज की तेज रोशनी में सुखाएं। ताकि गर्म पानी के उपयोग से यदि कुछ हानिकारक जर्म्स या वायरस बच भी गए हों तो सनलाइट में खत्म हो जाएं।
कितनी देर सुखाएं मास्क
-हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि सूरज की धूप अच्छी और तेज है तो इस स्थिति में आप 4 से 5 घंटे के लिए अपना मास्क धूप में सूखने के लिए डाल दें। इस बात का ध्यान रखें कि आस-पास धूल-मिट्टी ना उड़ रही हो। साथ ही कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति आपके धुले हुए कपड़ों के आस-पास ना आए।
धूप ना होने पर क्या करें?
-यदि आपके लिए 4-5 घंटे अपना मास्क धूप में सुखाना संभव नहीं है तो आप अपने मास्क को धुलने के बाद 10 मिनट के लिए डेटॉल के पानी में भिगोकर रख दें।
-इसके बाद हल्के हाथों से इसे निचोड़कर सूखने के लिए लटका दें। जब यह मास्क पूरी तरह सूख जाए तो आप इसका उपयोग करने से पहले इस पर आयरन (प्रेस) करें। आयरन की गर्मी (हीट) आपके मास्क को डिसइंफेक्ट करने का काम करेगी। आप अपने मास्क पर 4 से 5 मिनट के लिए अच्छी तरह आयरन करें।
अन्य कपड़ों के साथ ना धुलें
-इस बात का ध्यान रखें कि आपको अपना फेस मास्क अपने अन्य कपड़ों के साथ नहीं धुलना है। बल्कि आप इसे अलग से धुलें। ताकि मास्क की पूरी सफाई हो सके। साथ ही इसमें यदि वायरस की ड्रॉपलेट्स आ गई हों तो वे आपके अन्य कपड़ों में ना फैलें।
इसलिए जरूरी हुआ बदलाव
-कोरोना वायरस के शुरुआती समय में सरकार की तरफ से एन-95 को ही सबसे उपयुक्त बताया जा रहा था। ऐसा इसलिए था क्योंकि उस समय तक कोरोना वायरस के संबंध में सभी जरूरी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा था। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी उस समय पर कुछ भी पूरे यकीन के साथ कहने की स्थिति में नहीं थे।
क्यों नहीं पहनने हैं एन-95 मास्क?
-इसके बाद एक्सपर्ट्स की तरफ से कहा गया कि एन-95 मास्क में रेस्पिरेटर लगा होता है, जो कोरोना वायरस को पूरी तरह रोकने में सक्षम नहीं है। जबकि इसके स्थान पर सूती कपड़े की कई परत लगातकर तैयार किए गए फेस मास्क अधिक उपयोगी हैं। बस इसीलिए सरकार की तरफ से स्वास्थ्य संबंधी यह सूचना जारी की गई।

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