वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को ग्रामीणों ने की रोकने की मांग, अतिक्रमण पर चिंतित है ग्रामीण …….

दक्षिणापथ, रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)। गांव गांव में वन भूमि पर अतिक्रमण के लिए तेजी से जिस प्रकार से भगदड़ मचा है अब वन विभाग के साथ-साथ ग्रामीण भी वन भूमि को बचाने के लिए आगे आ रहे हैं ग्रामीण भी पर्यावरण का महत्व समझ रहे हैं। कल जहां विजयनगर के कटानपारा में अतिक्रमण हटाने के लिए वन विभाग के साथ ग्रामीण पहुंचे थे तो वही आज समाजसेवी संतोष यादव के नेतृत्व में 50 से अधिक ग्रामीणों ने धमनी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम नावाडीह वन भूमि में हो रहे अतिक्रमण को रोक लगाए जाने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि जिस भूमि पर अतिक्रमण हो रहा है वहां पर पौधारोपण कर भूमि संरक्षित करें। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत नावाडीह के वन भूमि के कक्ष क्रमांक p 970 में ग्रामीण के द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा था जिसके बाद आज समाजसेवी संतोष यादव के नेतृत्व में 50 से अधिक ग्रामीणों ने धमनी वन परीक्षेत्र अधिकारी को ज्ञापन सौंप अतिक्रमण को तत्काल रोके जाने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि आप अतिक्रमण के विरुद्ध कार्यवाही करें हम लोग आपके साथ हैं। समाजसेवी संतोष यादव ने कहा कि जिस प्रकार से क्षेत्र में वन भूमि पर कब्जा करने के लिए होड़ मची है एवं तेजी से पेड़ों का कटाई हो रहा है इससे निश्चित रूप से पर्यावरण को जो क्षति हो रही है। इसकी भरपाई करना संभव नहीं होगा। वन विभाग को तत्काल अवैध कटाई पर एवं वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण पर कार्यवाही सख्ती से करने की आवश्यकता है।ताकि वन भूमि पर हो रहा लगातार अतिक्रमण रुक सके। गुरुवार को रामानुजगंज वन क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम विजयनगर के कटानपारा में ग्रामीणों के द्वारा वन भूमि पर अतिक्रमण किया जाता था जिसे हटाने के लिए डिप्टी रेंजर श्याम बिहारी मिश्रा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची इस दौरान ग्रामीणों का भी साथ वन विभाग को मिला।

वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर ग्रामीण भी है चिंतित- जिस प्रकार से गांव-गांव में वन भूमि पर अतिक्रमण करने की होड़ मची है एवं तेजी से पेड़ों को काटाई किया जा रहा है इसे लेकर अब ग्रामीण भी चिंतित होने लगे हैं कि जिस प्रकार से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है यदि इसी प्रकार से वन भूमि पर अतिक्रमण होता रहेगा एवं पेड़ों को नुकसान पहुंचाया जाता रहेगा तो इसका खामियाजा हम सबको आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा। देखा देखी भी हो रहा है अतिक्रमण- जब ग्रामीणों के द्वारा वन भूमि पर अतिक्रमण किया जाता है तो देखा देखी दूसरे ग्रामीण भी वन भूमि पर अतिक्रमण करने के लिए प्रेरित होते हैं ऐसे में जब वन विभाग कार्यवाही करने में देरी करता है तो वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों की संख्या देखा देखी बढ़ जाती है। ग्रामीण चाहते हैं अतिक्रमण के विरुद्ध कार्यवाही हो- जिस प्रकार से वन भूमि पर अतिक्रमण करने की भगदड़ मची है अब ग्रामीण भी चाहते हैं कि वन विभाग तत्काल वन भूमि पर हो रहे अतिक्रमण पर कार्यवाही करें। यदि वन विभाग कार्यवाही करने में देरी करता है तो इससे अतिक्रमण करने वाले को सह मिलता है एवं दूसरे लोग भी अतिक्रमण करने के लिए आगे आते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!