होम आइसोलेशन में आपात स्थिति होने पर बिना एक पल गंवाये एंबुलेंस करें रवाना

-ग्रामीण क्षेत्र में होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों के आक्सीजन लेवल की लगातार हो मॉनिटरिंग, सरपंच सचिव से भी बेहतर समन्वय रखें ताकि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों के मूवमेंट के रोकथाम के संबंध में पंचायत भी रहे सजग

  • कलेक्टर ने होम आइसोलेशन कंट्रोल रूम मे ली अधिकारियों की अहम बैठक
    दक्षिणापथ, दुर्ग।
    कोविड मरीजों के आक्सीजन लेवल पर नजर रखनी है। उन्हें इस बात की ताकीद देनी है कि आक्सीमीटर में आक्सीजन का स्तर 95 से नीचे नहीं आना चाहिए। यदि यह स्थिति आती है तो हॉस्पिटल ले जाने कंट्रोल रूम में फोन करने के संबंध में हर फोन काल पर जानकारी दी जाए। आपात स्थिति में जरूरत होने पर एंबुलेंस व्यवस्था बिल्कुल मुकम्मल हो। होम आइसोलेशन के प्रभारी अधिकारी डॉ. रविराज ठाकुर द्वारा जानकारी देते ही बिना एक पल गंवाये एंबुलेंस को गंतव्य स्थल पर रवाना किया जाए। यह निर्देश कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में निगम आयुक्त तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम इस मामले में सुनिश्चित करेंगे कि रिस्पांस टाइम बहुत अच्छा हो। कलेक्टर ने कहा कि कोविड संक्रमण की स्थिति में सही समय में आक्सीजन सपोर्ट मिल पाने पर मरीज को स्टेबल करने में काफी मदद मिल जाती है। पूरे अमले को इस बात का ध्यान रखना है कि कोई भी इमरजेंसी काल आने पर बिना समय गंवाये काम में जुट जाना है। उन्होंने होम आइसोलेशन कंट्रोल टीम की प्रशंसा भी की कि उनके पास आये इस तरह के फोन पर वे कोशिश कर रहे हैं कि न्यूनतम समय पर नागरिक तक एंबुलेंस पहुंच सके। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से इस संबंध में मॉनिटरिंग की जरूरत है। आक्सीमीटर को नियमित देखने एवं इसमें आक्सीजन लेवल के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श की जरूरत के संबंध में ज्यादा से ज्यादा जागरूक करने की जरूरत है। इस संबंध में स्वास्थ्य टीम की बड़ी भूमिका है। आपात स्थिति में मरीजों को कोविड हास्पिटल तक पहुंचाने के कार्य में एसडीएम भी समन्वय करेंगे। कलेक्टर ने मेडिसीन किट के बारे में भी पूछा। अधिकारियों ने बताया कि किट मौके पर ही दी जा रही है। कलेक्टर ने बताया कि वे कल सुपेला गये थे और यहां उन्होंने देखा कि फार्मासिस्ट को-मार्बिड की जानकारी भी ले रहे हैं और उसके पश्चात चिकित्सकीय परामर्श अनुरूप मेडिकल किट मरीजों को उपलब्ध करा रहे हैं। को-मार्बिड की जानकारी लेने से चिकित्सकों को उचित दवा का निर्णय लेने में आसानी होती है और मरीजों की रिकवरी भी तेज होती है। कलेक्टर ने मेडिसीन के स्टाक सहित अन्य बातों की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित हो कि होम आइसोलेशन में रह रहे सभी लोगों के घरों के बाहर इस संबंध में स्टीकर चस्पा हो। आयुक्त और एसडीएम मौके पर जाकर इस बात की यादृच्छिक रूप से जांच भी करें। कलेक्टर ने कहा कि वे स्वयं इस बात की जांच करेंगे। बैठक में भिलाई नगर निगम कमिश्नर ऋतुराज रघुवंशी, अपर कलेक्टर प्रकाश सर्वे, बीबी पंचभाई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
    1581 का होम आइसोलेशन पीरिएड पूरा
    होम आइसोलेशन में रह रहे 1581 लोगों का आइसोलेशन पीरिएड पूरा हो चुका है। इन्हें अवधि समाप्त करने का सर्टिफिकेट व्हाटसएप के माध्यम से भेजा जा रहा है। अभी 1352 मरीजों की होम आइसोलेशन की अवधि चल रही है। कंट्रोल रूम द्वारा इनके स्वास्थ्य की लगातार मानिटरिंग की जा रही है।

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