गौरेला और पेंड्रा दोनों नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा देने सीएम भूपेश बघेल ने की घोषणा

पेंड्रा. गौरेला और पेंड्रा दोनों नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा देने सीएम भूपेश बघेल ने घोषणा कर दी है। सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट किया है कि ‘प्रदेश के नवगठित जिले गौरला-पेण्ड्रा-मरवाही के नगर पंचायत गौरेला और नगर पंचायत पेण्ड्रा को नगर पालिका का दर्जा देने की घोषणा करता हूँ।’

इधर राज्य सरकार ने मरवाही विधानसभा उपचुनाव से पहले मरवाही ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाने की प्रक्रिया शुरु की है। इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दावा आपत्ति भी आमंत्रित किया है। मामले में पेंच यह है कि मरवाही क्षेत्र पांचवी अनुसूची वाला अनुसूचित क्षेत्र है। प्रदेश का अनुसूचित क्षेत्र राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके लिए बाकायदा संसद में कानून पारित है। अनुसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के बदलाव के लिए राज्यपाल की सहमति राज्य सरकार को लेना आवश्यक है। राज्य सरकार ने मरवाही चुनाव के पहले मरवाही ग्राम पंचायत को नगर पंचायत घोषित करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। सूत्रों के अनुसार राजभवन को इस बात पर आपत्ति है कि सरकार ने राज्यपाल की अनुमति के बिना यह कदम कैसे उठाया है। माना जा रहा है कि सरकार ने जो कदम उठाया है वह राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप है। 29 को देना होगा स्पष्टीकरण छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत में बदलने की वैधानिक स्थिति की राज्यपाल अनुसईया उईके समीक्षा करेंगी। इस संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव तथा अजाजजा विभाग के सचिव को पत्र जारी किया गया है, इस बैठक में सरकार के इन अधिकारियों को स्पष्टीकरण देना होगा।। हाल ही में मरवाही को नगर पंचायत बनाया गया है। इसे मरवाही में जल्द होने वाले विधानसभा उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। मरवाही को नगर पंचायत बनाए जाने के खिलाफ मरवाही के दो लोगों ने आपत्ति करते हुए मामले की शिकायत राज्यपाल से की है।

आदिवासियों के अधिकार होंगे प्रभावित बताया गया है कि ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाने से वहां रहने वाले आदिवासियों के अधिकार प्रभावित होंगे। आरक्षण की स्थिति में बदलाव आएगा। आदिवासी क्षेत्र की जमीन पर जहां आदिवासी काबिज है उसे गैर आदिवासी नहीं खरीद सकता है। लेकिन इस क्षेत्र को नगर पंचायत बनाने से आदिवासियों को मिले संवैधानिक अधिकार प्रभावित होंगे। माना जा रहा है कि इसी वजह से राजभवन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। इन बिंदुओं पर राज्यपाल ने मांगी जानकारी बताया गया है कि यह समीक्षा 29 सितंबर को दोपहर 12-30 बजे राजभवन में की जाएगी। जिन बिंदुओं पर समीक्षा होनी है, उसमें यह शामिल है कि अधिसूचित क्षेत्र में ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत में बदलने के संबंध में वैधानिक स्थिति की समीक्षा, वर्तमान में यदि किसी ग्राम पंचायत को नगर पंचायत में बदला गया है तो उसकी अधिसूचना की जानकारी, अधिसूचित क्षेत्र में ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनाया गया हो तो उसकी सूची, अधिसूचित क्षेत्र में पूर्व में गठित सर्व नगर पंचायतों के संबंध में की गई कार्रवाई।

मरवाही को नगर पंचायत बनाने पर आपत्ति मरवाही को ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनाए जाने संबंधी राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ रामनिवास तिवारी एवं जगदंबा प्रसाद अग्रवाल एडव्होकेट ने आपत्ति की है। इस मामले की शिकायत राज्यपाल से भी की गई है। हाल ही में राज्य सरकार ने मरवाही ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा दिया है। इस कार्यवाही को मरवाही में होने वाले विधानसभा उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। मरवाही को नगर पंचायत बनाने के मामले में शिकायतकर्ताओं की आपत्ति मरवाही, लोहारी एवं कुम्हारी ग्राम पंचायत को शामिल करने पर है। बताया गया है कि नवगठित गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

कोई अड़चन नहीं है अधिसूचित क्षेत्र के जिलों में पहले भी नगर पंचायत, पालिका तथा नगर निगम भी है। मेरे हिसाब से मरवाही ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाने में कोई अड़चन नहीं है।

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