कवर्धा वन मंडल की टीम ने की चार बड़ी कार्यवाही, भारी मात्रा में इमारती लकड़ी, वनोपज चिरायता अवैध परिवहन, वाहन जब्त, लक्ष्मी फर्नीचर मार्ट सील, घुम्मकड़ पशु चरवाहों पर हुई कार्यवाही

वनमंत्री श्री अकबर के निर्देश पर कवर्धा वन मंडल की टीम कार्यवाही, मिली कामयाबी

दक्षिणापथ, कवर्धा। प्रदेश के वनमंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देश पर कवर्धा वनमंडल की टीम ने पिछले दो दिनों में चार बड़ी कार्यवाही की है और संबंधित आरोपियों के विरूद्ध अपराध दर्ज किया गया है। वन मंडलाअधिकारी दिलराज प्रभाकर के मार्गदर्शन में हुए चार बड़ी कार्यवाही में बोडला विकासखण्ड के वनांचल ग्राम बहना खोदरा में रमेश बैगा के घर अवैध भारी मात्रा में तिंसा और बीजा किस्म के इमारती लकड़ी जब्त की गई। कवर्धा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कोठार में निजी भूमि स्वामी द्वारा वन विभाग की बिना अनुमति के सागोन पेड़ की अवैध कटाई पर कार्यवाही की है। इस मामले में लक्ष्मी फर्नीचर मार्ट पर कार्यवाही करते हुए संस्थान को सील कर दिया गया है और संबंधित व्यक्ति पर कार्यवाही जारी है। इसके अलावा सहसपुर लोहारा वन परिक्षेत्र की टीम ने वनोपज 15 किं्वटल चिरायता (कालमेघ) का अवैध परिवहन करते हुए वाहन जब्त किया है। इस मामले में आरोपी निजाम मेमन पर अपराध दर्ज किया गया है। राज्य सरकार ने वनांचल के लघुपनोपज संग्राहकों के आर्थिक उत्थान के लिए चिरायता का न्यूनतम समर्थन मूल्य 35 रूपए निर्धारित की है। यहां स्थानीय तौर 15 रूपए में खरीदी कर अवैध रूप परिवहन किया जा रहा था। विभाग ने कार्यवाही करते हुए सभी समाग्री और वाहन जब्त कर ली है। वन विभाग और वन विकास की संयुक्त टीम ने गुजरात प्रदेश के आए घुम्मकड़ पशु चरवाहो पर कार्यवाही करते हुए 25 हजार रूपए का अर्थदंड की वसूली की है। अधिकारियों ने बताया कि भेड़-बकरी 700 नग, ऊंट 6 नग को वन विकास निगम के वन क्षेत्र में मौका पर अवैध रूप से चराई करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है।

कवर्धा वनमंडलाधिकारी श् दिलराज प्रभाकर ने बताया कि भोरमदेव वन्य प्राणी अभ्यारण, कवर्धा वन मंडल कवर्धा के अंतर्गत ग्राम बहनाखोदरा में श्री रमेश बैगा के घर अवैध रूप से वनोपज होने की सूचना प्राप्त होने पर सर्च वारंट जारी कर अभ्यारण की टीम द्वारा उनके घर पर छापा मार कार्यवाही करते हुए जांच की गई, जिसमें उनके घर से अवैध रूप से रखे इमारती लकड़ी जिसमें बीजा लकड़ी 22 नग और तिन्सा लकड़ी 11 नग कुल कुल 33 नग मात्रा 0.405 घन मीटर इमारती लकड़ी मिली। जप्त इमारती लकड़ी का किसी भी प्रकार का दस्तावेज पेश नहीं कर पाने के कारण अवैध रूप से घर में रखी वनोपज प्राप्त होने के अपराध में श्री रमेश बैगा का प्रकरण वन अधिनियम के विभिन्न धाराओ में पी.ओ.आर. नंबर 16041/03 के तहत 23 सितम्बर को दर्ज किया गया। इस प्रकरण में आगे की कार्यवाही जारी है।
कवर्धा वन मंडल के वन परिक्षेत्र कवर्धा अंतर्गत ग्राम कोठार में निजी भूमि भू राजस्व संहिता की धारा 240 तथा 241 का पालन किए बिना और राजस्व विभाग तथा वन विभाग की अनुमति के बिना राष्ट्रीय कृत वनोपज सागौन झाड़ों की अवैध रूप से कटाई कर वाहन के द्वारा परिवहन किए जाने की लिखित में सूचना ग्राम वासियों के द्वारा वन विभाग को प्राप्त होने पर विभाग के द्वारा संज्ञान लिया गया।

सागौन लट्ठा का परिवहन वाहन क्रमांक सीजी 09 जे.एच. 5723, माजदा वाहन, स्वामी रामकुमार पटेल वल्द लव कुमार पटेल ग्राम धुधरीकला द्वारा लक्ष्मी फर्नीचर मार्ट रानी सागर के यहां किया गया। सर्च वारंट जारी कर वन विभाग की टीम ने लक्ष्मी फर्नीचर मार्ट के परिसर तथा फर्नीचर मार्ट में जांच की तो सागौन के लट्ठे तथा चिरान वहां पर मिले। फर्नीचर मार्ट प्रोपराइटर, स्वामी द्वारा संतोषप्रद दस्तावेज न प्रस्तुत किए जाने के कारण आगे की जांच के लिए फर्नीचर मार्ट को सील कर दिया गया है। वाहन स्वामी पर प्रकरण पी.ओ.आर. नंबर- 177113/01 के तहत 22. सितम्बर को पंजीबद्ध कर वाहन द्वारा अवैध रूप से राष्ट्रीयकृत वनोपज का परिवहन करने के कारण प्राधिकृत अधिकारी द्वारा राजसात की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही निजी भूमि स्वामी के विरुद्ध भू राजस्व संहिता का उल्लंघन करने के कारण कार्यवाही करने हेतु वन विभाग कवर्धा वन मंडल कवर्धा के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को कार्यवाही करने के लिए लेख किया जा रहा है।


कवर्धा वन मंडल अंतर्गत अवैध रूप से चिरायता (कालमेघ) का वाहन द्वारा परिवहन करते हुए वन विभाग सहसपुर लोहारा परिक्षेत्र की टीम ने पकड़ कर कार्यवाही की। पी.ओ.आर. 17122/05 , 23 सितंबर 2020 को जारी किया गया। अपराधी निजाम मैमन वल्द इमामुद्दीन ईजिम तथा फरहाद अली वल्द बरकत अली (ड्रायव्हर), ग्राम भिंभौरी को वाहन क्रमांक सीजी 08 यू 7147 में ग्राम टाटावाही के पास अवैध रूप से 15 किं्वटल चिरायता (कालमेघ) ले जाते हुए वन विभाग की टीम ने रोककर पूछताछ की। जांच पड़ताल में पता चला कि जप्त वनोपज चिरायता (कालमेघ) को स्थानीय ग्रामीणों से रुपए 15 प्रति किलोग्राम के हिसाब से उन लोगों के द्वारा खरीदा गया है। छत्तीसगढ़ शासन, लघु वनोपज फेडरेशन, रायपुर के द्वारा उक्त लघुवनोपज का निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 35 रूपए प्रति किलोग्राम है। लघु वनोपज चिरायता (कालमेघ) तथा वाहन को जब्त कर लिया गया है। विभाग द्वारा आगे की कार्यवाही जारी है। डीएफओ श्री दिलराज प्रभाकर ने साथ ही सभी प्रबंधकों, वन कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आगामी 1 अक्टूबर से वन धन योजना के अंतर्गत ओहोने वाले विभिन्न लघु वनोपजों की खरीदी संबंधित न्यूनतम समर्थन मूल्य का प्रचार प्रसार व्यापक स्तर पर गांव-गांव में करवाना सुनिश्चित करें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर उन्हें भी शासन की इस लाभकारी योजना की जानकारी के साथ-साथ लघु वनोपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की सूची भी उपलब्ध कराए। कवर्धा वन मंडल कवर्धा तथा वन विकास निगम कवर्धा मंडल की संयुक्त टीम ने कार्यवाही करते हुए जिला कबीरधाम के वन क्षेत्र में गुजरात राज्य से आए हुए घुमक्कड़ चरवाहों पर कार्यवाही की है। इस प्रकरण में साजन वल्र्ड राहू जाति रबारी तथा दो अन्य गुजरात राज्य के निवासी का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। भेड़- बकरी 700 नग, ऊंट 6 नग को वन विकास निगम के वन क्षेत्र में मौका पर अवैध रूप से चराई करते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने पर चरवाहों से अग्रिम 25 हजार रूपए अर्थदण्ड लिया गया जिसे मनी रसीद संख्या 590/40 द्वारा भूगतान किया गया।

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