डायपर से हो रहे बच्चे को रैशेज तो घर पर ऐसे बनाएं रैशेज क्रीम

दक्षिणापथ। जब आप पहली बार मां बनती हैं तो आप अपने नवजात का ख्याल 24 घंटे रखती हैं। आजकल के दौर में कामकाजी माताओं के पास समय की कमी होने की वजह से वह अपने शिशु को हमेशा डायपर पहनाकर रखती हैं ताकि वह गीलेपन की समस्या से छुटकारा पा सकें। लेकिन डायपर को लंबे वक्त तक पहने रहने की वजह से शिशु को डायपर रैश की समस्या से दोचार होना पड़ता है। यह रैश त्वचा में स्थित नमी और बैक्टीरिया के कारण पैदा होते हैं। रैशज की वजह से बच्चे को रेडनेस, जलन और दर्द झेलना पड़ता है।
कई बार शिशु की नाजुक त्वचा की वजह से माताएं किसी क्रीम या मेडिकल ट्रीटमेंट का इस्तेमाल करने से बचती हैं। ऐसे में हम आपके लिए लेकर आए हैं कुछ प्रभावी होममेड डायपर रैशेज क्रीम बनाने की विधियां, जो आपके शिशु को रैशेज की समस्या से छुटकारा दिलाने में सुरक्षित और कामगार हैं।
जिंक ऑक्साइड के साथ रैश क्रीम: जिंक ऑक्साइड के साथ रैश क्रीम आपके बच्चे को रैश की जलन और सूजन से राहत दिलाने में प्रभावी है क्योंकि इसमें कसैला, सुखदायक और रक्षात्मक गुण होते हैं। यह एक अकार्बनिक रसायनिक यौगिक है जिसका इस्तेमाल अक्सर दवाओं में घटक के रूप में किया जाता है।
सामग्री
नॉन-नैनोपार्टिकल जिंक ऑक्साइड के 3 बड़े चम्मच
1 बड़ा चम्मच वर्जिन कोकोनट ऑयल
द कप कच्चा आर्गेनिक शीया बटर
कैमोमाइल एसेंशियल ऑयल की 2-3 बूंदें
लैवेंडर एसेंशियल ऑयल की 2-3 बूंदें
बनाने की विधि: एक कांच के बाउल में सभी सामग्रियोंं को डाल लें। इन सभी को अच्छे से मिला लें। जब यह मिश्रण क्रीम की तरह बन जाए तो इसे किसी कंटेनर में स्टोर कर लें और बच्चे के रैशेज वाली जगह पर इसे लगाएं। यदि आपके बच्चे को बैक्टीरियल इंफेक्शन हो गया है तो आप कैमोमाइल या लैवेंडर की जगह टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल करें। हालांकि, यदि आपका बच्चा 3 महीने से कम उम्र का है तो आप किसी भी तरह के एसेंशियल ऑयल को उपयोग करने से बचें।
मोम के साथ रैश क्रीम: यह एक गाढ़ी क्रीम है और इसे रैश स्टिक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह उपयोग करने के लिए बहुत सुविधाजनक है और यह कम गंदा भी होता है।

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