नए श्रम कानून मजदूर विरोधी तथा पूंजी पतियों एवं उद्योग पतियों को लाभ पहुंचाने वाला:- प्यारे साहू

नए श्रम कानून से बढ़ेगी उद्योगपतियों की मनमानी कामगारों का होगा शोषण

दक्षिणापथ,रायपुर। जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण के पूर्व महामंत्री एवं प्रवक्ता एवं साहू समाज युवा प्रकोष्ठ के रायपुर संभाग अध्यक्ष प्यारे लाल साहू ने केंद्र सरकार के नए श्रम कानून का विरोध किया है उन्होंने कहा की इस विधेयक के पास हो जाने से अब कामगारो के सारे अधिकार छीन जाएंगे श्रमिकों पर फैक्ट्री मालिकों को ज्यादती करने की खुली छूट मिल जाएगी ।

साहू ने इसे पूरी तरह “मजदूर-विरोधी” करार दिया है। उनका कहना है कि इन विधेयकों के जरिए केन्द्र सरकार का इरादा श्रम सुरक्षा के ताबूत में आखिरी कील ठोंकना है। ये श्रम कानून मजदूर विरोधी और पूंजीपतियों व उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाला हैं। पहले आर्थिक सुस्ती और फिर लॉकडाउन के बाद देश में श्रमिकों की हालत पहले से ही खराब है, ये श्रम कानून इन्हें और भी कमजोर बनाएंगे। कभी भी हायर और फायर की नीति के कारण कंपनियों को मनमानी करने का मौका मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि नए श्रम बिल के पास हो जाने से कंपनियों को मनमानी करने का अधिकार मिल जाएगा वो कभी भी अपनी कंपनी से किसी भी कर्मचारी को एक मिनट में निकाल सकती है. नए कानून के अनुसार कोई भी कंपनी, फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों को सजा देने, निकालने, प्रमोशन में पक्षपात जैसे नियम पूरी तरह से कंपनी के हाथों में आ जाएगें जिससे कर्मचारियों का शोषण बढ़ेगा.
इस बिल के बाद कंपनियां अपनी मनमर्जी करने के लिए आजाद हो जाएंगी. अभी मौजूदा समय में कंपनी कानून के तहत किसी भी कर्मचारी को एकदम से नहीं निकाल सकते. इसके लिए कंपनियों को किसी भी कर्मचारी को अचानक निकालने से पहले उसे सूचना देनी पड़ती थी और साथ ही कुछ महीनों की सैलरी देनी पड़ती है ताकि वो दूसरी नौकरी का इंतजाम कर सके।

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