महान समाजवादी किसान नेता पुरुषोत्तम कौशिक दुर्ग के भी सांसद रहे

जन्मदिन पर आओ उन्हें याद रहे

दक्षिणापथ, दुर्ग। दुर्ग लोकसभा के सांसद रहे प्रखर समाजवादी नेता पुरुषोत्तम कौशिक का आज जन्म दिन है।
भारत के समाजवादी आंदोलन की एक महत्वपूर्ण कड़ी रहे छत्तीसगढ़ के किसान नेता पुरुषोत्तम कौशिक ने आपात काल का दृढ़ता से सामना किया और मीसा बंदी रहे। जेल से रिहाई के तत्काल बाद हुए चुनावों में रायपुर से दिग्गज पं. विद्याचरण शुक्ल को ऐतिहासिक शिकस्त दी। भारत के दो महान प्रधानमंत्रियों मोरारजी देसाई और चौधरी चरण सिंह के मंत्रीमंडल में कैबिनेट मंत्री रहे। जनता शासन में दिग्गज लालकृष्ण आडवानी जी के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री का दायित्व भी संभाला (1979-80)। इससे पहले कौशिक जी पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री (1977-1979) रहे। अपने मंत्रित्वकाल में उन्होंने इंडियन एयरलाइंस में अहम प्रशासमिक सुधार के लिए याद किए जाएंगे। भ्रष्टाचार की एक बड़ी लड़ाई में प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के साथ रहे। 1989 में दुर्ग लोकसभा से उनका निर्वाचन भी उल्लेखनीय रहा, जिसमें निर्वाचित के अतिरिक्त सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।

पुरुषोत्तम कौशिक का राजनीति रुझान प्रारंभ से ही किसान, मजदूर और समाजवादी आंदोलन रहा। संयुक्त समाजवादी पार्टी, जनता पार्टी, लोक दल, जनता दल में रहे। लम्बे अरसे तक जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव रहे। मंडल और कमंडल के बाद की राजनीतक दौर उन्हें ज्यादा रास नहीं आया। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण सर्वदलीय मंच सक्रिय हुए और चंदूलाल चन्द्राकर के साथ अध्यक्ष मंडल में रहे। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद विविध सामाजिक, राजनीतिक गतिविधियों और जन आंदोलनों में अपनी सक्रिय भागीदारी दी।

पुरुषोत्तम जी का जन्म 24 सितम्बर 1930 को महासमुंद में हुआ। आपके पिता ढालूराम कौशिक संपन्न किसान थे। कौशिक जी ने सालेम स्कूल रायपुर से मैट्रिक (1947), सागर विश्वविद्याल से बीए (1951) नागपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी (1954) की शिक्षा ग्रहण की। अपने कैरियर की शुरूआत वकालत से की। विधायक, महासमुंद, मध्यप्रदेश विधान सभा (1972-77) भी रहे।
कृषि मजदूरों और आदिवासियों के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक उत्थान के लिए लड़ने के लिए खेतिहर संघ का गठन किया। पिछड़ेपन के खिलाफ कई जन अभियान का नेतृत्व किया। सहकारी आंदोलन में उनकी विशेष रुचि थी। सागर विश्वविद्यालय का वॉलीबॉल में प्रतिनिधित्व किया। संगीत, बागवानी और पुस्तके पढ़ना उनका प्रिय शौक था। फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्वीटजरलैंड, युनाइटेड किण्डम, सोवियत रुस और नेपाल आदि देशों की यात्राएं की। स्व पुरुषोत्तम का विवाह 1945 में अमृत कौशिक के साथ हुआ। आपके तीन पुत्र है। रायपुर के चौबे कॉलोनी में सहकारी सदन के पास आप निवासरत थे। रामकृष्ण केयर हॉस्पीटल, रायपुर में 5 अक्टूबर 2017 को 12.45 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। गृह नगर महासमुंद में 6 अक्टूबर 2017 को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

सन् 2018 में तात्कालीन कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कांपा के नए कृषि महाविद्यालय का नामकरण पुरुषोत्तम कौशिक किया। 20 जनवरी 2019 को छत्तीसगढ़ स्कूल परिसर में कौशिक की आदमकद प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया। मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल महासमुंद का नाम पुरुषोत्तम कौशिक जिला अस्पताल करने की घोषणा की।

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