रिसाली निगम के वार्ड परिसीमन का प्रशासन ने किया खाका तैयार

भिलाई । भिलाई से अलग होकर नगर निगम बने रिसाली के वार्ड परिसीमन का खाका प्रशासन द्वारा तैयार कर लिया गया है। इस निगम में 40 वार्ड बनाए जाने है। भिलाई निगम में शामिल रहने के दौरान बने 13 वार्डों को विभाजित कर नये वार्ड बनाए जाएंगे। रिसाली बस्ती, प्रगति नगर व रुआबांधा बस्ती से ही 5-5 नये वार्ड बनाए जाने का प्रस्ताव है। वहीं मरोदा स्टेशन, मरोदा कैम्प व मरोदा सेक्टर के विभाजन से 10 नए वार्ड अस्तित्व में आएंगे।
रिसाली नगर निगम के वार्डों के परिसीमन की तैयारी शुरू हो गई है। प्रारंभिक तौर पर अधिकारियों ने पुराने 13 वार्डों को आबादी और भौगोलिक दृष्टि से 40 वार्डों में विभाजित करने का निर्णय लेकर सीमांकन कर लिया है। कलेक्टर व प्रशासन अंकित आनंद से हरी झण्डी मिलने के बाद परिसीमन के मौजूदा स्वरूप पर दावा आपत्ति आमंत्रित की जाएगी।
जानकारी के अनुसार जोरातराई वार्ड भिलाई निगम की तरह ही बिना किसी छेड़छाड़ के यथावत रहेगा। ऐसा करने के पीछे यहां की आबादी के कम होने को माना जा रहा है। जोरातराई वार्ड की जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 3121 है। लगभग एक लाख की आबादी वाले इस निगम में 40 वार्ड बनाए जाने की स्थिति में प्रत्येक की औसत जनसंख्या 2500 रखी जानी है। भौगोलिक तालमेल बनाए जाने के दौरान जनसंख्या के आंकड़े में  20 प्रतिशत कम या अधिक के अंदर को स्वाभाविक माने जाने का नियम है। इस लिहाज से जोरातराई वार्ड यथावत पहले जैसा ही रहेगा। पड़ोसी डुंडेरा वार्ड रिसाली में शामिल होने के बाद दो भागों में विभाजित हो रहा है। जबकि नेवई भाठा को तीन वार्ड में बांटे जाने का प्रस्ताव है। इसी कड़ी में भिलाई निगम में वार्ड क्रमांक 43 स्टेशन मरोदा के नाम से पहचाने जाने वाले वार्ड से चार नए वार्डों का उदय होगा। वार्ड-44 रहे मरोदा कैम्प मोहारी भाठा से चार तथा वार्ड 45 मरोदा सेक्टर से 2 नए वार्ड अस्तित्व में आएंगे। रिसाली उत्तर व दक्षिण के रूप में भिलाई में दो वार्ड थे। अब इन दोनों ही वार्डों को विभाजित कर 4 वार्ड बनाए जाने की तैयारी है।
भिलाई निगम में एक-एक वार्ड में सिमटे रिसाली बस्ती, प्रगति नगर और रुआबांधा बस्ती अब रिसाली निगम में 5-5 वार्डों में विभक्त हो जाएंगे। रुआबांधा बस्ती वार्ड में शामिल रहे तालपुरी इंटरनेशनल कालोनी से ही अब दो नए वार्ड बनाये जाने की तैयारी है। जबकि रुआबांधा सेक्टर को दो भागों में बांट कर परिसीमन किया गया है। वहीं पुरैना वार्ड रिसाली निगम में तीन वार्डो वाला क्षेत्र बन जाएगा। वार्ड के सामान्य व अविप से ताल्लुक रखने वालों को भी पार्षद बनने का मौका मिलेगा। भिलाई निगम में रहते पुरैना को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रखा गया था। हर पांच साल में महिला व महिला पुरुष मुक्त में आरक्षण रोटेशन होने से गैर अनुसूचित जाति वालों को निगम गठन के 20 साल में कभी भी पार्षद बनने का मौका नहीं मिल पाया। अब रिसाली निगम बन जाने से पुरैना तीन वार्डों में बंटेगा। ऐसे में एकाध वार्ड अनारक्षित रहने का अनुमान है। हालाकि यह वार्ड अनुसूचित जाति बहुल है। लेकिन इस वर्ग के ज्यादातर लोग आंध्रप्रदेश व ओडिशा के होने से जाति प्रमाण पत्र की दिक्कत से जातिगत आरक्षण का लाभ उठाने में सफल नहीं हो पा रहे थे।

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