मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने की ग्रामीण की हत्या

मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने की ग्रामीण की हत्या
दक्षिणापथ। शाहरुख खान भले काफी समय से एक्टिंग से दूर हैं, लेकिन उनकी प्रोडक्शन की फिल्म लव हॉस्टल जल्द दर्शकों के बीच आएगी। फिल्म 25 फरवरी को सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज होगी। विक्रांत मैसी, सान्या मल्होत्रा और बॉबी देओल के अभिनय से सजी इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो गया है। ट्रेलर में सभी कलाकारों की एक्टिंग कमाल की लग रही है। मार-धार और एक्शन से भरपूर ट्रेलर आपको जरूर पसंद आएगा। शाहरुख ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर फिल्म का ट्रेलर शेयर किया है। साथ ही उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, एक ऐसे जगह में जहां प्यार में पडऩा आपके जीवन को खो देता है, एक विद्रोही कपल सीमा तोडऩे की हिम्मत करता है। क्या उनका प्यार बच पाएगा? लव हॉस्टल का ट्रेलर जारी हो गया है। इसका प्रसारण 25 फरवरी से जी5 पर होगा। शाहरुख की प्रोडक्शन कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट ने फिल्म का निर्माण किया है। फिल्म में विक्रांत और सान्या ने एक प्रेमी जोड़े का किरदार निभाया है। ये दोनों प्यार में पड़ते हैं और फिर घर से भागकर शादी रचा लेते हैं। फिर उनके परिवार वाले उनके पीछे पड़ जाते हैं। परिवार वालों से बचने के लिए वे पुलिस की मदद लेते हैं। प्रशासन उन्हें सुरक्षित रखने के लिए एक हॉस्टल में शिफ्ट करती है। ट्रेलर में दिखाया गया है कि कैसे सान्या और विक्रांत ने प्यार के लिए बगावती तेवर अपना लिया है। कहानी में रोचक मोड़ तब आता है, जब विलेन बने बॉबी देओल की एंट्री होती है। बॉबी एक कॉन्ट्रेक्ट किलर डागर के किरदार में दिखे हैं। बॉबी पर घर से भागी हुई लड़की (सान्या) को जिंदा घर पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जाती है। इसके बाद शुरू होता एक्शन और खून खराबा। सान्या की घर वापसी के बाद उनके परिवार वाले उसे मौत के घाट उतार देंगे। यह कहानी ऑनर किलिंग की लगती है। ट्रेलर में बॉबी का लुक, गेटअप और बॉडी लैंग्वेज कमाल का लगा है। उनकी एक्टिंग में काफी गंभीरता दिखी है। विक्रांत और सान्या का भी अभिनय अव्वल दर्जे का लगा। इन दोनों की डायलॉग डिलीवरी भी लाजवाब लगी। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शंकर रमन ने इस फिल्म की कहानी लिखी है और फिल्म के निर्देशक भी शंकर ही हैं, जो पंकज त्रिपाठी की फिल्म गुडग़ांव का निर्देशन कर चुके हैं। फिल्म तबाही, खून-खराबे के साथ सत्ता, धन और सिद्धांतों के खेल में जीवन जीने की कहानी है। शंकर ने कहा था, मैंने हमेशा से ही दिल और दिमाग के सवालों में रुचि रखी है। मैं यह कहूंगा, सवाल चाहे कोई भी हो, हिंसा उसका जवाब नहीं है।