निजी अस्पतालों की आ रही शिकायतों पर कलेक्टर के सख्त निर्देश

निजी अस्पतालों की आ रही शिकायतों पर कलेक्टर के सख्त निर्देश
RO No. 12200/36

RO No. 12172/87

RO No. 12200/36

RO No. 12172/87

RO No. 12200/36

RO No. 12172/87

नई ‎दिल्ली । सार्वजनिक क्षेत्र की एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज ‎लिमिटेड (ईईएसएल) ऊर्जा दक्षता को गांवों में ले जाने और बिजली बिल में कमी के जरिये लोगों की बचत बढ़ाने के इरादे से जल्दी ही ग्रामीण उजाला नाम से नया कार्यक्रम शुरू करेगी। ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत गांवों में प्रति परिवार 10 रुपए मूल्य पर तीन से चार एलईडी बल्ब वितरित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि देशभर में करीब 15 करोड़ ग्रामीण परिवार के बीच एलईडी बल्ब का वितरण किया जाएगा। बिजली मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उपक्रमों एनटीपीसी, पीएफसी, आरईसी और पावरग्रिड की संयुक्त उद्यम कंपनी ईईएसएल की इस योजना में लगभग 50 करोड़ एलईडी बल्ब का वितरण होगा। इससे जहां 12,000 मेगावॉट बिजली की बचत का अनुमान है वहीं कॉर्बन उत्सर्जन में 5 करोड़ टन सालाना की कमी आएगी। कंपनी अभी उजाला कार्यक्रम के तहत 70 रुपए प्रति बल्ब की दर से 36 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब का वितरण कर चुकी है लेकिन इसमें से 20 प्रतिशत बल्ब ही ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित हो पाए हैं। हम जल्दी ही ग्रामीण उजाला कार्यक्रम शुरू करने जा रहे हैं। अभी इसकी रूपरेखा पर काम जारी है। इसके तहत गांव में प्रति परिवार 10 रुपए पर तीन से चार एलईडी बल्ब वितरित किए जाएंगे। इस योजना को चरणबद्ध तरीके से अगले तीन से छह महीने में देश के सभी गांवों में लागू किया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए केंद्र या राज्यों से कोई सब्सिडी नहीं ली जाएगी और जो भी खर्च होगा, वह ईईएसएल स्वयं करेगी। हम कॉर्बन ट्रेडिंग के माध्यम से लागत वसूल करेंगे। हम गांवों में प्रति परिवार अगर तीन एलईडी बल्ब देंगे तो उसके बदले तीन पुराने बल्ब लेंगे। हम उनका संग्रह करेंगे, उसकी निगरानी होगी कि कितने बल्ब आए और उसमें कितने पुराने हैं। फिर उन्हें नष्ट किया जाएगा। यह सब संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के तहत होता है और हमें इसके लिए कॉर्बन प्रमाणपत्र मिलता है। इन प्रमाणपत्रों की विकसित देशों में मांग है, जहां हम इसे बेचेंगे और एलईडी बल्ब की लागत वसूल करेंगे। हमने उजाला के तहत 70 रुपए की दर से एलईडी बल्ब का वितरण किया है, लेकिन हमने देखा कि 36 करोड़ एलईडी बल्ब में गांवों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत है। इसका एक कारण उसकी कीमत हो सकती है। गांवों में 70 रुपये भी ज्यादा है। पुडुचेरी, जम्मू कश्मीर और आंध्र प्रदेश ने एलईडी बल्ब पर सब्सिडी देते हुए उसे 10 रुपए की दर पर बेचा था। इन राज्यों में 95 प्रतिशत तक बल्ब गांवों में पहुंचे हैं। इसको देखते हुए हम यह कार्यक्रम बना रहे हैं।