कुपोषण व भूख से कोडाकू जनजाति के बच्चे की मौत

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-देश भर के प्रमुख व्यापारी नेताओं का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 30 सितम्बर और 1 अक्टूबर को वाराणसी में
दक्षिणापथ, दुर्ग।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के संरक्षक पवन बडज़ात्या, चेयरमैन प्रकाश सांखला, दुर्ग जिला अध्यक्ष मोहम्मद अली हिरानी, कार्यकारी अध्यक्ष पियूष देशलहरा, महामंत्री महेश गनेशानी एवं प्रदेश मीडिय़ा प्रभारी संजय चौंबे ने बताया कि देश के ई कामर्स व्यापार में बड़ी विदेशी कम्पनियों द्वारा लगातार किए जा रहे देश के क़ानूनों का खुला उल्लंघन और गत तीन दिन में मीडिया में तेजी से फैल रही खबर की ऐमजान ने भारत में अपने वकीलों के जरिए सरकार के अधिकारियों को रिश्वत दीं है को एक बड़ा मुद्दा बनाते हुए कन्फेडेरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडसऱ् (कैट) के आव्हान पर देश के 20 हज़ार से अधिक व्यापारिक संगठनों के व्यापारी नेताओं ने सभी राज्यों के 500 से अधिक जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम दो ज्ञापन दिए। जिसमें ई कामर्स बने नियमों को तुरंत लागू करने की मांग की गई तथा दूसरे ज्ञापन में अधिकारियों को ऐमज़ान के वकीलों के जरिए दीं गई कथित रिश्वत के मामले की सीबीआई द्वारा किए जाने की माँग की गई। ज्ञातव्य है की ई कामर्स व्यापार में मची धांधली को लेकर कैट 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक एक महीने का ई कामर्स पर हल्ला बोल राष्ट्रीय अभियान चला रहा है ।
इसी कड़ी में कैट के दुर्ग जिला इकाई अध्यक्ष मोहम्मद अली हिरानी एवं कार्यकारी अध्यक्ष पियूष देशलहरा ने बताया कि आज कैट सी.जी. चैप्टर के रायपुर, अम्बिकापुर, मनेन्द्रगढ, बिलासपुर, रायगढ़, चांपा, कोरबा, भाटापारा, तिल्दा, दुर्ग, राजनांदगांव, भिलाई, धमतरी, कांकेर, सराईपाली, बसना, अभनपुर, महासंमुद, गरियाबंद सहित अन्य सभी ईकाइयों में ई-कॉमर्स नियमों को लागू करने हेतु जिला कलेक्टर/एसडीएम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से ज्ञापन सौपा गया।
प्रधानमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन में कैट ने यह भी माँग की है की है कीं ऐमज़ान के वकीलों के ज़रिये देश के सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दिए जाने वाले मुद्दे पर ऐमज़ान के वित्तीय दस्तावेज जो पिछले वर्षों में सरकारी विभागों को दिए गए हैं उनकी फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए जिससे जल्द से जल्द यह पता लग सके की क्या ऐमज़ान के वकीलों के ज़रिए अधिकारियों एवं अन्य लोगों को रिश्वत दीं गई थी या नहीं और यदि रिश्वत देने का मामला साबित होता है तो ऐसे अधिकारियों एवं अन्य लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दीं जाए और उनके नाम भी सार्वजनिक किए जाएँ।
कैट के दुर्ग जिला इकाई अध्यक्ष मोहम्मद अली हिरानी एवं कार्यकारी अध्यक्ष पियूष देशलहरा ने यह भी कहा है की पिछले वर्षों में ऐमज़ान ने जिस प्रकार से देश के सभी क़ानूनों और नियमों का खुला उल्लंघन किया है और जिस बड़े पैमाने पर धांधली की है वो बेहद गम्भीर और संगीन मामला है, इस दृष्टि से अब यह ज़रूरी हो गया है की ऐमज़ान के व्यापार मॉडल की एक समग्र जांच की जाए और सभी सम्बंधित विभाग एक साथ इसकी जाँच करे। इसके लिए उन्होंने माँग की है की इस हेतु आय कर विभाग, केंद्र एवं राज्यों के जींएसटी विभाग. सीसीआइ, प्रवर्तन निदेशालय, सेबी तथा मिनिस्ट्री ऑफ़ कारपोरेट अफेयर्स को एक साथ जाँच करनी चाहिए जिससे की सारा मामला साफ़ हो और फिर उस समग्र जाँच के हिसाब से कारवाई हो। उन्होंने कहा की सरकार को यह स्पष्ट करना पड़ेगा की क्या विदेशी कम्पनियों को देश के क़ानून और नियमों के उल्लंघन की इजाज़त दी जा सकती है या सरकार देश के नियम एवं क़ानूनों की सर्वोचता को क़ायम रखती है । निर्णय सरकार को लेना है। देश के व्यापारी बेसब्री से सरकार के निर्णय का इंतज़ार करेंगे
दुर्ग जिला इकाई अध्यक्ष मोहम्मद अली हिरानी एवं कार्यकारी अध्यक्ष पियूष देशलहरा ने यह भी बताया कीं इस मामले की गम्भीरता को देखते हुए और इस सारे मामले पर विस्तारपूर्वक चर्चा करने के लिए कैट ने अपने राष्ट्रीय गवर्निंग काउन्सिल की एक आपात मीटिंग आगामी 30 सितम्बर एवं 1 अक्टूबर को वाराणसी में बुलाई है जिसमें देश के सभी राज्यों के चुनिंदा शीर्ष नेता भाग लेंगे और ई कामर्स पर सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदमों की विवेचना कर भविष्य की रणनीति तय करेंगे । व्यापारी नेता इस मुद्दे पर भारत व्यापार बंद करने के निर्णय पर भी विचार कर सकते हैं। कलेक्टर को ज्ञापन सौपते समय कैट सीजी चैप्टर के पदाधिकारी पवन बडज़ात्या, दुर्ग जिला अध्यक्ष मोहम्मद अली हिरानी, कार्यकारी अध्यक्ष पियूष देशलहरा, महामंत्री महेश गनेशानी, आशीष निमजे , अनिल बल्लेवार , संजय चौबे शामिल रहे।