सीएम ममता ने सौंपे 11 हजार नियुक्ति पत्र

सीएम ममता ने सौंपे 11 हजार नियुक्ति पत्र

कहा- बंगाल समग्र विकास के पथ पर है
सीएम ने बताया, बंगाल सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में दुनिया में अव्वल है
कोलकाता ।  बंगाल में उत्कर्ष बांग्ला परियोजना पर अधिक बल दिया जा रहा है ताकि इससे दक्ष कर्मी मिल सके। राज्य सरकार ने तकनीकी कौशल के माध्यम से युवक-युवतियों के लिए रोजगार की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज नेताजी इंडोर स्टेडियम में 11 हजार बेरोजगारों को नियुक्ति  पत्र सौंपे। इस परियोजना में युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। उपरोक्त नियुक्ति पत्र उन लोगों को सौंपे गये हैं जिन्होंने राज्य सरकार की उत्कर्ष बांग्ला योजना के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज नेताजी इंडोर स्टेडियम में मंच पर खड़े होकर दुनिया में एक के बाद एक बंगाल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। एक तरह से सीएं ममता बनर्जी ने कहा कि आज बंगाल समग्र विकास के पथ पर है। ममता बनर्जी के शब्दों में, मैं गर्व से कहना चाहती हूं कि जब से हमारी सरकार सत्ता में आई, हमारा सपना रहा कि बंगाल दुनिया में सबसे अच्छा होगा। बंगाल के बच्चे पूरी दुनिया को फतेह लेंगे। यह मेरे जीवन का सपना था।वह सपना पूरा हो रहा है, ममता बनर्जी कहा, कन्याश्री के लिए हमें दुनिया में पहचान मिली है। हमारी दुर्गा पूजा को यूनेस्को द्वारा मान्यता भी प्राप्त हुआ है। तीन दिन पहले हमें एक और पहचान मिली। बंगाल सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में दुनिया में अव्वल हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इसके लिये सम्मान लेने जाएंगी। सीएम ममता ने कहा, अगले साल 23 मार्च को बर्लिन में पुरस्कार दिया जाएगा। मौका मिला तो खुद उक्त सम्मान लेने जाएंगी। ममता बनर्जी ने कहा कि कृषि के क्षेत्र बंगाल में प्रथम है। उद्योग का विकास नहीं होने पर युवक किस तरह से खड़े होंगे। बंगाल उद्योग के मामले में मित्रवत है। 24 घंटे के लिए वाट्सऐप नंबर जारी किया गया है, जिस उद्योगपति को जो समस्या होगी। उस पर अपनी समस्या बता सकते हैं। उन्होंने कहा कि रेल बिक्री हो रहा है। सेल बिक्री हो रहा है। कोयला बिक्री हो रहा है। सब बिक्री हो जाएगा, तो राज्य के लोगों का भविष्य क्या होगा ? इसलिए कृषि के बाद अब राज्य सरकार का लक्ष्य उद्योग विकास करना है। ममता बनर्जी ने कहा कि दुर्गा पूजा में बंगाल में 40 हजार करोड़ का कारोबार होता है। यह आय लगभग गरीब लोगों को मिलता है। जूट के काम से लेकर ढाक बजाने का काम ग्रामीण बंगाल से किया जाता है। बंगाल में लघु कुटीर उद्योग 90 लाख यूनिट है। एक करोड़ 36 लाख काम करते हैं. चमड़ा उद्योग में 5 लाख लोग काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में बैठी भाजपा की सरकार विकास नहीं चाहती है और केवल एजेंसी राज चल रहा है।  दूसरी ओर, केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ सरकार की से 19 सितंबर को विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 200 से अधिक औद्योगिक पार्क तैयार हो रहा है। इस कारण स्किल ट्रेनिंग की जरूरत है। आईटी में 2800 कंपनी काम कर रही है। सिलिकॉन वैली बन रहा है। अगले दिन लाख लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। कोयला खादान देवचा पाचमी हो रहा है।  कुछ लोग चाहते नहीं है, इसलिए कुछ लोग गड़बड़ी कर रहे हैं। यह होने पर एक लाख लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा। बर्द्धमान, मुर्शिदाबाद और बांकुड़ा के लोगों को लाभ मिलेगा। डानकुनी कॉरिडोर से भी लोगो को लाभ मिलेगा। रघुनाथपुर में भी 72 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट हो रहा है।  आप लोगों को बाहर जाने की जरूरत नहीं। लोग आपको घर से नौकरी के लिए बुलाएंगे।