समाज मे बेटियों को सुरक्षित एवं सशक्त करने स्कूलों में जाकर दुर्ग पुलिस सिखा रही है आत्मरक्षा के गुर, शहर में चला 'ऑपरेशन-मनचला'

समाज मे बेटियों को सुरक्षित एवं सशक्त करने स्कूलों में जाकर दुर्ग पुलिस सिखा रही है आत्मरक्षा के गुर, शहर में चला 'ऑपरेशन-मनचला'

-स्कूल के छुट्टी के समय बाहर भीड़ जमा कर बच्चियों पर छींटाकशी करने वालों पर "पुलिस की स्पेशल महिला पेट्रोलिंग रक्षा टीम" ने कसा शिकंजा
- बालिकाओं से अभिव्यक्ति ऐप डाउनलोड करा कर दी गई SOS इमरजेंसी बटन की जानकारी
दुर्ग। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशा अनुरूप एवं पुलिस महानिरीक्षक  बीएन मीणा के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अभिषेक पल्लव के नेतृत्व में शहर में स्थित स्कूलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक IUCAW श्रीमती मीता पवार, उप पुलिस अधीक्षक IUCAW  श्रीमती शिल्पा साहू के द्वारा रक्षा टीम एवं थाना पेट्रोलिंग के साथ सरप्राइज चेकिंग कर स्कूल के बाहर खड़े रहने वाले मनचलों पर कार्यवाही किया गया। जिसके तहत रक्षा टीम के द्वारा अलग-अलग टीमों के माध्यम से एमजीएम स्कूल सेक्टर 6, मैत्री विद्या निकेतन, शारदा विद्यालय, कृष्णा पब्लिक स्कूल नेहरू नगर, दिल्ली पब्लिक स्कूल रिसाली, शासकीय स्कूल मरोदा डीएवी स्कूल सहित 20 से अधिक स्कूलों में जाकर चेक किया गया। उक्त स्कूल के बाहर बिना किसी कारण खड़े लड़कों को प्रथम बार में समझाइश देकर माता-पिता का बुलाकर छोड़ा गया, एवं भविष्य में बिना किसी कारण के स्कूल के बाहर खड़े पाए जाने पर कार्रवाई करने बताया गया। 

   दुर्ग पुलिस के स्पेशल महिला पेट्रोलिंग महिला रक्षा टीम  के द्वारा शहर एवं ग्रामीण के प्रत्येक शासकीय एवं निजी स्कूल में छत्तीसगढ़ शासन के अभियान 'हमर बेटी- हमर मान' जिसमें समाज में बेटियाँ सुरक्षित और सशक्त हों, वह समाज निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर होने के बारे में बता कर,  बेटियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें आत्मरक्षा के गुर भी सिखा कर  बेटियों को उनके क़ानूनी अधिकार, गुड टच, बैड टच, छेड़खानी, यौन शोषण, साइबर क्राइम, सोशल मीडिया क्राइम से बचाव और अधिकार जैसी बातों पर मार्गदर्शन और संवाद किया गया।
महिला रक्षा टीम एवं थाना पेट्रोलिंग के द्वारा स्कूल छूटने के समय पर उपरोक्त स्कूल में जाकर समस्त बच्चों को समझाइश भी दी गई एवं स्कूल प्रबंधन से थाना प्रभारी एवं रक्षा टीम प्रभारी का नंबर भी वितरित किया गया।

स्कूल में उपस्थित बच्चियों को एवं स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षिकाओं को अभिव्यक्ति ऐप के बारे में विस्तृत से समझा कर उसमें दिए SOS इमरजेंसी बटन के बारे में बताया गया, और यह भी बताया गया कि बटन को 15 सेकंड के लिए प्रेस करने के बाद तत्काल आपातकालीन परिस्थिति में पुलिस आपके लोकेशन पर 10 से 15 मिनट पर पहुंच जाती है।