शुद्ध पेयजल को लेकर हो सतत मानिटरिंग: कलेक्टर

शुद्ध पेयजल को लेकर हो सतत मानिटरिंग: कलेक्टर

- मूलभूत बुनियादी सुविधाओं को लेकर बीएसपी अधिकारियों के साथ ली गई बैठक
दुर्ग। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों के साथ कलेक्टर कक्ष में बीएसपी के अधीन आने वाले क्षेत्रों में बिजली, पानी और सड़क जैसे मूलभूत बुनियादी सुविधाओं को लेकर बैठक ली। उन्होंने बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र क्षेत्र में रहने वाले लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनकी बुनियादी सुविधा को पूरा करने उपस्थित संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये। बैठक में उन्होंने सेक्टर एवं खुर्सीपार क्षेत्र में पानी की पाईप लाईन को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पानी के संबंध में उन्हें लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही है। क्षेत्रवासी क्षेत्र में मटमैले पानी मिलने की बात कह रहे है इस पर कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों को इसे शीघ्र निराकृत करने के लिए निर्देशित किया है। 
बीएसपी के अधिकारियों को कलेक्टर ने लोगों के चिकित्सकीय सुविधा के प्रसार के ओर भी ध्यान आकर्षण करने के लिए कहा और  सेक्टर 9 स्थित जवाहर लाल नेहरू अस्पताल का पुर्नविकास एवं उन्नयन करने पर भी चर्चा की। उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र क्षेत्र के वर्तमान में खाली एवं अवैध कब्जे वाले मकानों को नगर निगम कर्मचारियों को किराए पर देने के साथ-साथ क्षेत्र में पीएम आवास योजना के लिए 10 एकड़ भूमि का हस्तांतरण की बात भी कहीं। उन्होंने क्षेत्र में साफ-सफाई एवं डेंगू /मलेरिया रोकथाम हेतु लगातार कार्यवाही, सेक्टर क्षेत्र के मकानो के पीछे का सीवरेज लाईन का संधारण, टाउनशिप में टार फेल्ट का कार्य, बदहाल सिवरेज प्रणाली को दुरस्त करने एवं आवासों की पुर्नविकास के लिए भी उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया।
इसके साथ ही बैठक में गोठान हेतु जमीन, सिविक सेंटर विकास कार्य, फिल्टर प्लांट का संधारण, आवासों का पाईप लाईन संधारण, अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लिये भवन का चिन्हांकन और नगर पालिक निगम रिसाली के विकास संबंधित चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित बीएसपी के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि सेक्टर क्षेत्र में साफ-सफाई हेतु 2 नग जेसीबी, 2 नग डम्पर एवं 50 अतिरिक्त कामगार पर वार्षिक व्यय रू.1 करोड़ 49 लाख, स्वच्छता कमाण्डो हेतु वार्षिक व्यय 82 लाख 50 हजार एवं बी.एस.पी. क्वॉटर के पीछे बैक लाईन सफाई कार्य हेतु रू. 76 लाख 7 हजार कुल वार्षिक व्यय 3 करोड़ 75 लाख  अनुमानित व्यय किया गया है और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाये जा रहे है।