परमेश्वरी आश्रम बघेरा में भागवत कथा के छठे दिन श्री कृष्ण जन्मोत्सव में उमड़ी भीड़

परमेश्वरी आश्रम बघेरा में भागवत कथा के छठे दिन श्री कृष्ण जन्मोत्सव में उमड़ी भीड़

Ro No. 12027-89

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दक्षिणापथ, दुर्ग । दुर्ग जिला देवांगन समाज द्वारा माँ परमेश्वरी आश्रम, बघेरा, दुर्ग में आयोजित कोरोना काल में दिवंगत स्वजनों की सद्गति हेतु सार्वजनिक श्री मद्भागवद महापुराण कथा सप्ताह ज्ञानयज्ञ में छठवें दिवस के कथा सार श्री कृष्ण जन्मोत्सव, पूतना वध, बाल लीला, माखन चोरी प्रसंग में भागवत मर्मज्ञ परम पूज्य स्वामी गुरुदेव संत निरंजन महाराज जी, श्रीभागवत आश्रम, लिमतरा ने कहा कि हर युग में मनुष्यों को सत्कर्म में प्रेरित करने के लिए और धर्म और कर्म के पालन के साथ संसार कर्तव्यमय हो इसलिये भगवान अवतार लेते हैं l

प्रति वर्ष फिट - फिट बढ़ने वाला मनुष्य सत्कर्म करने पर मन से भी फिट रहता है l स्वयं को जानने वाला सारे संसार को जान जाता है l अनुभूति ही ईश्वर है l परमात्मा का ध्यान करने वाला रामरथी है और रावण विरथ है l जिस आनंद को अन्तर्मुख से अनुभव किया जाये वही परमानंद है l भौतिक हमें भोगता है और हम भौतिकता को भोगते हैं लु सद्गुरु के शरण से सत्पुरुषार्थ होता है और इससे जीवन को अर्थ मिलता है l धर्म से ही धरा का अस्तित्व है l जो सब में बसा हुआ है वह वासुदेव अर्थात्‌ भगवान है l जैसे आकाश में दामिनी होती है वैसे ही खल की प्रीति होती है, वह स्थायी नहीं होता है l कामनारहित मन से ही भगवान के दर्शन होते हैं l दूसरे की प्राण रक्षा के लिए असत्य भाषण से पाप नहीं होता है l जैसे सायफन का सिद्धांत होता है वैसे पंचतत्व का आना जाना ही जीवन है l भगवान की आराधना ही जीवन की साधना है।

                              कथा श्रवण में पुराणिक राम देवांगन, जिलाध्यक्ष, दुर्ग जिला देवांगन समाज, सचिव राकेश देवांगन, कोषाध्यक्ष  मनहरण देवांगन, उपाध्यक्ष मनोहर देवांगन, भूषण देवांगन, गोविंद देवांगन, श्रीमती कीर्ति देवांगन, श्रीमती चित्रलेखा देवांगन, डोमन देवांगन, अनिल देवांगन, धनुष देवांगन, मंगतू राम देवांगन, नूतन देवांगन सहित समाज के हजारों लोग उपस्थित रहे।