टर्म लाइफ इंश्योरेंस खरीदते समय इन 10 बातों का रखें ध्यान

टर्म लाइफ इंश्योरेंस खरीदते समय इन 10 बातों का रखें ध्यान

टर्म लाइफ इंश्योरेंस में पॉलिसीधारक की असामयिक मृत्यु की स्थिति में बीमा कंपनी नॉमिनी को इंश्योरेंस का पूरा पैसा देती है। इस पैसे से किसी प्रियजन के खोने की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक रूप से मदद पहुंचाता है। आइए जानते हैं कि टर्म लाइफ इंश्योरेंस खरीदते समय हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

नई दिल्ली

टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदना एक महत्वपूर्ण निर्णय होता है, जो आपके परिवार को आपके न रहने की स्थिति में फाइनेंशियल स्टैबिलिटी देता है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स हमेशा सलाह देते हैं कि जब भी निवेश की शुरुआत करें तो टर्म लाइफ इंश्योरेंस जरूर खरीदें, जो आपकी गैर-मौजूदगी में आपके परिवार को वित्तीय रूप से मजबूत करता है। टर्म लाइफ इंश्योरेंस खरीदना हमेशा आसान निर्णय नहीं होता है। किसी अन्य वित्तीय प्रोडक्ट की तरह टर्म इंश्योरेंस के पक्ष और विपक्ष हैं। आइए जानते हैं टर्म लाइफ इंश्योरेंस से जुड़ी वह सभी बातें जो हमें इसमें निवेश करने के पहले जानना चाहिए।
 
टर्म लाइफ इंश्योरेंस क्या है?

टर्म लाइफ इंश्योरेंस एक प्रकार का बीमा है जो पॉलिसी होल्डर की मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार की आर्थिक रूप से मदद करता है। टर्म लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम के हिसाब से उसका कवरेज अमाउंट डिसाइड होता है। इसके साथ ही टर्म लाइफ इंश्योरेंस में एक बार जो प्रीमियम डिसाइड हो जाता है वहीं प्रीमियम पेमेंट करना पड़ता है। इसका प्रीमियम पॉलिसी लेने के बाद उम्र के साथ नहीं बढ़ता है।
टर्म लाइफ खरीदते समय किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
- प्रीमियम: टर्म लाइफ इंश्योरेंस खरीदते समय यह देखना चाहिए कि उसके लिए आपको प्रीमियम कितना देना पड़ेगा क्योंकि आपके इंश्योरेंस के लिए आपको लंबे समय तक प्रीमियम देना पड़ेगा।

- कवरेज अमाउंट: टर्म लाइफ इंश्योरेंस खरीदते समय यह कवरेज अमाउंट के बारे में जरूर ध्यान देना चाहिए। टर्म इंश्योरेंस प्लान के लिए आदर्श कवर राशि आमतौर पर आपकी वर्तमान वार्षिक आय का 15 से 20 गुना होनी चाहिए, ताकि आपके न रहने की स्थिति में आपके परिवार को इतना अमाउंट मिल सके कि उनका गुजारा अच्छे से हो सके।
- टर्म लेंथ - टर्म प्लान का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू पॉलिसी की अवधि है। जब तक आप काम कर रहे हैं तब तक तो यह चलना ही चाहिए, मतलब जब तक आपके पैसों पर आपके परिवार का गुजारा होता है तब तक तो जरूर इसका कवर होना चाहिए।

- क्लेम सेटलमेंट रेशियो: कोई भी पॉलिसी खरीदने के पहले उसका क्लेम सेटलमेंट रेशियो जरूर चेक कर लीजिए। अगर कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो अच्छा है तो आप इंश्योरेंस पॉलिसी ले सकते हैं।

धूम्रपान का प्रीमियम पर पड़ता है प्रभाव?

टर्म लाइफ इंश्योरेंस में धूम्रपान और आपके स्वास्थ्य के हिसाब से प्रीमियम डिसाइड होता है। अगर आप टर्म लाइफ इंश्योरेंस लेते समय अपने बारे में सभी जानकारी सही से नहीं देते हैं तो आपको बाद में दिक्कत आ सकती है। इसलिए आपको इंश्योरेंस लेते समय अपनी जीवन शैली के बारे में सभी जानकारी दें, जिससे आपके परिवार को क्लेम लेने में किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े।
 
क्या दुर्घटना से मृत्यु पर भी टर्म लाइफ इंश्योरेंस में क्लेम मिलता है?

अधिकांश टर्म लाइफ इंश्योरेंस किसी भी आकस्मिक मृत्यु के मामले में पॉलिसी होल्डर को पैसा दे देते हैं। हालांकि कुछ पॉलिसी होल्डर दुर्घटना से मृत्यु में क्लेम नहीं देते हैं वह इसके लिए अलग से राइडर जोड़ने को कहते हैं तभी वह क्लेम देते हैं। इसी तरह गंभीर बीमारी व विकलांग की स्थिति के लिए भी आप राइडर जोड़ सकते हैं।
 
क्या होगा यदि पॉलिसीहोल्डर की विदेश में असामयिक मृत्यु हो जाती है?

ज्यादातर इंश्योरेंस विदेश में असामयिक मृत्यु को कवर करते हैं, लेकिन आप जब भी टर्म लाइफ इंश्योरेंस लें तो उसके टर्म एंड कंडीशन को जरूर पढ़ ले।
 
टर्म लाइफ इंश्योरेंस में मैच्योरिटी बेनिफिट होता है?

टर्म लाइफ इंश्योरेंस में कोई मैच्योरिटी बेनिफिट नहीं होते हैं। हालांकि कुछ टर्म लाइफ इंश्योरेंस में दोनों ऑप्सन मौजूद रहते हैं, जिसमें मैच्योरिटी बेनिफिट भी मिलता है। मैच्योरिटी बेनिफिट के साथ वाले टर्म लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम बढ़ जाता है।
 
टर्म लाइफ इंश्योरेंस में किस तरह की मौत कवर नहीं होती है?

आतंकवादी कृत्यों और नशे के द्वारा होने वाली मौतों को टर्म लाइफ इंश्योरेंस कवर नहीं करता है, इसलिए आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि आप ऐसा कोई भी काम न करें कि आपका इंश्योरेंस उसे कवर न करें।
 
क्या टर्म लाइफ इंश्योरेंस को आप EMI में खरीद सकते हैं?

कई कंपनियां टर्म लाइफ इंश्योरेंस को खरीदने के लिए EMI का ऑप्सन देती हैं। आप अपनी जरुरत के हिसाब से टर्म लाइफ इंश्योरेंस खरीदते समय EMI ऑप्सन चूज कर सकते हैं। हालांकि EMI में आपको ब्याज देना पड़ सकता है।